जिंदगी का संघर्ष ( अंत)

"इतनी मेहनत, इतने सपने और अपनों के लिए वो अटूट प्यार... सुजल ने अपनी आखिरी सांस तक अपनी ज़िम्मेदारी निभाई। नियति के आगे इंसान बेबस हो जाता है, पर कुछ लोग जाकर भी कभी खत्म नहीं होते।
'सफर छोटा सही, मगर वो शान से जिया,
खुद को मिटा कर भी, वो अपनों का जहां रौशन कर गया।'
(समाप्त)"
 इसी के साथ मेरी इस कहानी का अंत होता हे

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