उलझे खयाल,खामोश दिल(overthinking)
''जो हुआ ही नहीं,जो होगा ही नहीं,उसी को सोचकर ये दिल उलझा रहता है। ''
सोच सोचकर मैं बेकार हो गई हु,
सोच सोचकर मैं बीमार हो गई हु।
कोई कुछ भी कह दे मुझे,
सोच सोचकर मैं पागल इंसान हो गई हु।
"अगर आपको फॉलो का ऑप्शन नहीं दिख रहा है, तो ऊपर 3 डॉट्स (⋮) पर क्लिक करके 'Open in Chrome' चुनें और आसानी से फॉलो करें!"
Comments
Post a Comment