उलझे खयाल,खामोश दिल(overthinking)

''जो हुआ ही नहीं,जो होगा ही नहीं,उसी को सोचकर ये दिल उलझा रहता है। ''


सोच सोचकर मैं बेकार हो गई हु,
      सोच सोचकर मैं बीमार हो गई हु।
कोई कुछ भी कह दे मुझे,
      सोच सोचकर मैं पागल इंसान हो गई हु।
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