सुकून का वह कोना

कुछ पन्ने डायरी के, कुछ अधूरी सी बातें,
भागती इस दुनिया में, सुकून की रातें।
ढूँढता है दिल अक्सर वो पुराना कोना,
जहाँ ना जीतने की होड़ थी, ना खोने का रोना।
थोड़े से सपने हैं, थोड़ी सी उम्मीद,
खुद से मुस्कुरा कर मिल लें, तो हर दिन है ईद।
ऐसी और कविताओं के लिए मुझे फॉलो करे।

और जिंदगी का संघर्ष कहानी जरूर देखे👇
https://www.blogger.com/blog/post/edit/849031829885086896/6511144217586283431

Comments

Popular posts from this blog

जिंदगी का संघर्ष (भाग 1 एक नई शुरुआत)

जिंदगी का संघर्ष (भाग 2-परिवार और दोस्ती)

उलझे खयाल,खामोश दिल(overthinking)