जिंदगी का संघर्ष (भाग4 - घर परिवार और माँ की बीमारी)

एक दिन सुजल की माता बीमार हो गई। घर का काम उसकी माता ही करतीं थी, उसका परिवार बड़ा था। वे चार भाई थे। सबसे बड़ा था भावेश, उसके 7 बच्चे थे और वह अब अलग रहता था। दूसरा था पंकज,वह रहता परिवार के साथ ही था और उसके 5 बच्चे थे। तीसरा था सुजल और चौथा था कुशल सबसे छोटा जो पढ़ाई कर रहा था। सुजल की छोटी भाभी घर का ज्यादा काम नहीं करती थी तो काम सुजल की माता को करना पढ़ता था। सुजल जानता था मां का ख्याल मनु ही रख सकती है। उसने भावेश से जाकर कहा।

सुजल - मां की तबीयत बहुत खराब है। घर का काम कौन करेगा, आप जाकर मनु को ले आइये और उसके पिता से जाकर बात करिए इस बारे में।

भावेश - ठीक है मैं कल ही जाता हूं।

अगले दिन ही भावेश वहां गया और मनु को भेजने की बात रखी। मनु के पिता ने कह दिया कि अगली बार ऐसा कुछ नहीं होना चाहिए तो भेज दूं। भावेश ने बात मान ली और मनु को घर ले आए।

मनु घर आने के बाद घर का सारा काम करती थी, पर फिर भी उसे पहले जैसे ही तानें मिलते थे। लेकिन उसने अब माता-पिता से कहना छोड़ दिया।

कुछ वर्ष और बीत गए। मनु फिर से मां बनने वाली थी, घर वाले चाहते थे की एक और लड़का हो जाए। लेकिन सुजल को बेटी चाहिए थी।
क्या सुजल की इच्छा पूरी होगी?
आगे क्या होगा जानने के लिए मुझे फॉलो करे। भाग 5 शाम 7 बजे।

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