जिंदगी का संघर्ष (भाग 10- सुजल के बिना अधूरी खुशियां)

 सुजल के जाने के बाद बहुत मुश्किल से घर खर्च चलाया मनु ने हालांकि उसकी नौकरी की वजह से पैसे मिले थे कुछ लेकिन वह भी लोनचुकाने में चले गए।सुजल ने वह लोन दो वजह से लिया था एक तो उसके गर के पास ही के जमीन थी जिसे सुजल खरीदना चाहता था लेकिन उसकी छोटी भाभी ने उससे कहा कि आपके तो एक ही पुत्र है लेकिन मेरे तीन बेटे है में उन्हें पास में ही रहते देखना चाहती हु ये जमीन मुझे लेने दो ।ओर दूसरी वजह जब सुजल के पिता जीवित थे तब भावेश ने एक जमीन बेचने की बात कही और इस बात से सुजल के पिता बहुत घबरा गये थे तो सुजल ने वह जमीन अपने ही भाई से खरीद ली।
सुजल के जाने के बाद पूरा परिवार इस बात को धीरे धीरे भूल गया लेकिन सुजल की पत्नी मनु और बच्चों को सुजल की कमी हमेशा खलती थी।लेकिन वे किसी न किसी तरह उसके बिना इस जीवन को जी रहे थे

उस दिन सुजल की साँसों के साथ मनु,पारो और प्रतीक की खुशियां आजादी भी चली गई।
आगे क्या होगा जानने के लिए मुझे फॉलो करे और कमेंट करे कैसा लगा आज का भाग।
भाग 11 शाम 7 बजे।
https://pratikshadiary.blogspot.com/2026/08/9.html

Comments

Popular posts from this blog

जिंदगी का संघर्ष (भाग 1 एक नई शुरुआत)

जिंदगी का संघर्ष (भाग 2-परिवार और दोस्ती)

उलझे खयाल,खामोश दिल(overthinking)